मेरे सतगुरु
तेरे इश्क का कैदी बनने का
अलग ही मज़ा है !!
छूटने को दिल नहीँ करता और
उलझने में मज़ा आता है !!
हर साँस सुंदर है
जब से तू दिल के अंदर है
तेरे इश्क का कैदी बनने का
अलग ही मज़ा है !!
छूटने को दिल नहीँ करता और
उलझने में मज़ा आता है !!
हर साँस सुंदर है
जब से तू दिल के अंदर है

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